Monday, March 25, 2013

गुरु चरनन मे शीश झुकाले जनम सफल हो जायेगा गुरुदर्शन से बिन माँगे ही कृपा राम की पायेगा जनम सफ़ल हो जायेगा गुरु चरनन में शीश झुका ले चहु दिश गहन अन्धेरा छाया पग पग भरमाती है माया राम नाम की ज्योति जगेगी अन्धकार मिट जायेगा गुरु चरनन में शीश झुका ले गुरु आदेश मान मन मेरे ध्यान जाप चिन्तन कर ले रे जनम जनम के पाप कटेंगे मोक्ष द्वार खुल जायेगा गुरु चरनन में शीश झुका ले जन्म सफ़ल हो जायेगा

गुरु चरनन मे शीश झुकाले
जनम सफल हो जायेगा

गुरुदर्शन से बिन माँगे ही
कृपा राम की पायेगा

जनम सफ़ल हो जायेगा

गुरु चरनन में शीश झुका ले


चहु दिश गहन अन्धेरा छाया
पग पग भरमाती है माया

राम नाम की ज्योति जगेगी
अन्धकार मिट जायेगा

गुरु चरनन में शीश झुका ले


गुरु आदेश मान मन मेरे
ध्यान जाप चिन्तन कर ले रे

जनम जनम के पाप कटेंगे
मोक्ष द्वार खुल जायेगा

गुरु चरनन में शीश झुका ले
जन्म सफ़ल हो जायेगा

मेरे मन मन्दिर मे राम बिराजे। ऐसी जुगति करो हे स्वामी ॥ अधिष्ठान मेरा मन होवे। जिसमे राम नाम छवि सोहे । आँख मूंदते दर्शन होवे ऐसी जुगति करो हे स्वामी ॥ मेरे मन ... सांस सांस गुरु मन्त्र उचारूं। रोमरोम से राम पुकारूं । आँखिन से बस तुम्हे निहारूं। ऐसी जुगति करो हे स्वामी ॥ मेरे मन ... औषधि रामनाम की खाऊं। जनम मरन के दुख बिसराऊं । हंस हंस कर तेरे घर जाऊं। ऐसी जुगति करो हे स्वामी ॥ मेरे मन ... बीते कल का शोक करूं ना। आज किसी से मोह करूं ना । आने वाले कल की चिन्ता। नहीं सताये हम को स्वामी ॥ मेरे मन ... राम राम भजकर श्री राम। करें सभी जन उत्तम काम । सबके तन हो साधन धाम। ऐसी जुगति करो हे स्वामी ॥ मेरे मन ... आँखे मूंद के सुनूँ सितार। राम राम सुमधुर झनकार । मन में हो अमृत संचार। ऐसी जुगति करो हे स्वामी ॥ मेरे मन ... मेरे मन मन्दिर मे राम बिराजे। ऐसी जुगति करो हे स्वामी ॥

मेरे मन मन्दिर मे राम बिराजे।
ऐसी जुगति करो हे स्वामी ॥

अधिष्ठान मेरा मन होवे।
जिसमे राम नाम छवि सोहे ।
आँख मूंदते दर्शन होवे
ऐसी जुगति करो हे स्वामी ॥
मेरे मन ...

सांस सांस गुरु मन्त्र उचारूं।
रोमरोम से राम पुकारूं ।
आँखिन से बस तुम्हे निहारूं।
ऐसी जुगति करो हे स्वामी ॥
मेरे मन ...

औषधि रामनाम की खाऊं।
जनम मरन के दुख बिसराऊं ।
हंस हंस कर तेरे घर जाऊं।
ऐसी जुगति करो हे स्वामी ॥
मेरे मन ...

बीते कल का शोक करूं ना।
आज किसी से मोह करूं ना ।
आने वाले कल की चिन्ता।
नहीं सताये हम को स्वामी ॥
मेरे मन ...

राम राम भजकर श्री राम।
करें सभी जन उत्तम काम ।
सबके तन हो साधन धाम।
ऐसी जुगति करो हे स्वामी ॥
मेरे मन ...

आँखे मूंद के सुनूँ सितार।
राम राम सुमधुर झनकार ।
मन में हो अमृत संचार।
ऐसी जुगति करो हे स्वामी ॥
मेरे मन ...

मेरे मन मन्दिर मे राम बिराजे।
ऐसी जुगति करो हे स्वामी ॥

Friday, July 20, 2012

सत्य है साधना में कमी रह गई . कैसे कह दूं की प्रभु की कृपा में कमी .....

Monday, July 4, 2011

पायो जी मैंने राम रतन धन पायो

पायो जी मैंने, राम रतन धन पायो ॥
वस्तु अमोलिक, दी मेरे सतगुरु, किरपा करि अपनायो ।
जनम जनम की पूंजी पाई, जग में सभी खोवायो ।
खरचै न खूटै, जाको चोर न लूटै, दिन दिन बढ़त सवायो ।
सत की नाव, खेवटिया सतगुरु, भवसागर तर आयो ।
मीरा के प्रभु गिरिधर नागर, हरष हरष जस गायो ।

मन लाग्यो मेरो यार फ़कीरी में

मन लाग्यो मेरो यार फ़कीरी में ॥

जो सुख पाऊँ राम भजन में
सो सुख नाहिं अमीरी में
मन लाग्यो मेरो यार फ़कीरी में ॥

भला बुरा सब का सुन लीजै
कर गुजरान गरीबी में
मन लाग्यो मेरो यार फ़कीरी में ॥

आखिर यह तन छार मिलेगा
कहाँ फिरत मग़रूरी में
मन लाग्यो मेरो यार फ़कीरी में ॥

प्रेम नगर में रहनी हमारी
साहिब मिले सबूरी में
मन लाग्यो मेरो यार फ़कीरी में ॥

कहत कबीर सुनो भयी साधो
साहिब मिले सबूरी में
मन लाग्यो मेरो यार फ़कीरी में ॥