Friday, June 17, 2011

लेख - यात्रा पर जाने से पाहिले

यात्रा पर जाने से पहले
यात्रा का हमारे जीवन में बहुत बड़ा महत्व है . यात्रा के दौरान हम नई नई जगह देखते हैं, वहां के रीतिरिवाज, खान पान , और उनकी भाषा के बारे में भी जानकारी प्राप्त करते है.
यदि यात्रा विदेश कि है तो हमें दूसरे देश के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं. जो हमारे लिए अद्भुत होता है.
यात्रा के दौरान हमें बहुत सी सावधानिया बरतनी चाहिए क्योंकि अनजान जगह और अनजान लोगों के बीच कुछ भी घटना घट सकती है .


यात्रा का इंतजाम
यात्रा पर जाने से पहले यह सुनिश्चित करले कि यात्रा देश कि है या विदेश कि और फिर उस जगह के बारे में पूर्ण जानकारी प्राप्त करलें. आजकल पर्यटन विभाग आपकी मदद को तैयार रहता है. यदि आप ट्रेवेल एजेंट के माध्यम से जा रहे हैं तो ट्रवेल एजेंट से पूरी जानकारी ले लें. रूपयों का पूरा बंदोबस्त जरुर रखे. यदि देश में यात्रा कर रहे हैं तो एटीएम कार्ड से ही पैसे निकाले क्योंकि एटीएम कार्ड होने से पैसे ज्यादा नहीं ले जाने पड़ते हैं. रेल, होटल, टैक्सी और जरुरी चिजों का रिजेर्वेशन पहले से ही करा लें और उनसे कन्फर्म अवश्य कर लें.


चेक लिस्ट



  1. यात्रा पर जाने से पहले नीचे लिखी बातों को जरूर ध्यान में रखें. जरूरी चीजों कि लिस्ट पर ध्यान दें. जैसे :

  2. वीजा

  3. पासपोर्ट

  4. जरूरी दवाइयां जो आप ले रहे हों और जो सफर के लिए उपयोगी हो जैसे हाजमे कि गोलिया, एस्प्रिन, इत्यादि

  5. मछर भागने कि मशीन और अगरबत्ती.

  6. रेल, होटल और टेक्सी रिजेर्वेशन इत्यादि कि सूचि

  7. जरूरी कागज़ात

  8. नकदी और एटीएम कार्ड

  9. यात्रा गाइड बुक

  10. घर अच्छी तरह से लोक करें

  11. पडोसी को बता कर जाएँ और अपना फोन नंबर जरूर दें

  12. अखबार बंद करा दें

  13. अपने बैग और पर्स में अपना नाम और पता जरूर लिखें.

  14. अपने बैग कि निशनी जरूर बनायें जिससे आप अपना बैग आसानी से पहचान सकें.

व्याक्तिगत सामान



  • शर्ट, पेंट, कोट, ब्लाउज, पेटीकोट, साड़ी, टावेल, रूमाल, अंदरूनी वस्त्रों और अन्य सामान अवश्यकता के अनुसार अवस्य रख लें.

  • जूते, चप्पल, मौजे और पालिश जरूर रख लें .

  • कास्मेटिक्स, टूथब्रश, पेस्ट, क्रीम, तेल भी रख लें.

  • मोबाइल, कैमरा, चार्जर, बेटरी, पेन ड्राइव इत्यादि भी रख लें .

  • पर्स में एमरजेंसी नंबर अवश्य रखे.

खाने पीने का सामान



  • नमकीन, बिस्कुट, सूप के पैकेट और जो जरूरी ho

  • विटामिन्स

  • कोल्ड ड्रिंक्स

  • डिब्बा बंद खाना, जूस के पैकेट

यदि आप अपनी कार से यात्रा कर रहे हो तो



  • गाडी के सारे कागज़

  • पेट्रोल, हवा, स्टेपनी, मार्ग का नक्शा और गाइड बुक

  • पीने का पानी, टोर्च, गर्मी है तो आईस बाक्स


यात्रा के दौरान क्या करें



  • जहाँ कि भी यात्रा करें वहां के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करें और पूरा आनंद लें.
    व्यक्ति विशेष कि फोटो लेने से पहले इजाजत जरूर ले लें.

  • फोटोग्राफी जरूर करें और एक कागज़ में पूरी जानकारी जरूर लिखें. यदि आप अपना ब्लॉग लिखतें हैं तो उसमे पूरा यात्रा व्रत्रांत जरूर लिखे.

  • फ़ालतू खर्चों से बचे और वहाँ कि मशहूर चीज अवश्य लाएं.

  • हमारा जीवन भी एक यात्रा है जिस तरह हम अपने जीवन को खूबसूरत तरीके से जीते हैं वैसे ही यात्रा को भी जीवन का ही एक अंग समझे और भरपूर आनंद लें.

  • यदि आप ऐतिहासिक जगह देख रहे हैं तो उस जगह कि पूरी जानकारी जरूर लें इससे आपका ज्ञान भी बढ़ेगा और आप को गर्व होगा कि आपने एतिहासिक जगह देखी है .

प्रिय मित्रों यात्रा एक सुखद एहसास है यदि आप पूरी योजना के साथ और मनोरंजन के साथ इसमें ज्ञान भी जोड़ लें तो आपकी यात्रा एक यादगार बन सकती है. आपकी यात्रा सुखद हो ..... अनुभव जरूर लिखे .....

दौड़

जन्म के साथ ही दौड़ शुरू हो जाती है ... आगे बढ़ने की दौड़ .... धन कमाने की दौड़ .... दुसरे को नीचा दिखने की दौड़ ..... और यह दौड़ चलती जाती है ....... मरने दम तक................

जागो ग्राहक जागो - व्यंग

१. अपनी बीवी को अपनी १००% कमाई देने से १०% सुख मिलता है.
किसी दूसरी को अपनी कमाई का १०% देने पर १००% सुख मिलता है...
पैसा आपका ... फैसला आपका .. . जागो ग्राहक जागो !!!

२. " आदमी शादी के पहले superman शादी के बाद gentleman एक साल के
बाद watchman और कई सालों के बाद - अपने ही जाल में फंसा spiderman .

3. लाइफ में हमेशा हँसते रहो,मुस्कराते रहो, गाते रहो, गुनगुनाते रहो...ताकि तुम्हे
देख कर ही लोग समझ जाये की तुम... "खुश हो.

4. पत्नी - अगर मैं खो गयी तो तुम क्या करोगे? पति : मैं टीवी और अखबार में विज्ञापन दूंगा की जहा कहीं भी हो.....खुश रहो

5. पत्नी - मैं तुम्हारी याद में २ दिन में ही आधी हो गयी हूँ, मुझे लेने कब आ रहे हो? पति : २ दिन और रुक जाओ.

६. एक अखबार में शादी का विज्ञापन"पत्नी चाहिए"जबाब में १००० जबाब आये थे - लिखा था" मेरी ले जा...!"''मेरी ले जा...!''

कहानिया

जूठन
केशव कि माँ लोगो के बर्तन मांज कर किसी तरह पेट पालने के साथ अपने बच्चे को पढ़ा रही थी. अक्सर उसकी माँ को घरों से बचा हुआ या जूठन और पुराने कपडे मिल जाया करते थे. किसी तरह से उनका काम चल जाता था. लेकिन किशोर केशव के मन में बड़े सवाल उठा करते थे.. जैसे हम गरीब क्यों हैं. हमे जूठन क्यों खाने को मिलती है. लोग धनवान क्यों होते है इत्यादि .. जैसे जैसे वह बड़ा हो रहा थे उतने ही बड़े उसके सवाल होते जा रहे थे. वह अक्सर सोचता था पढ़ लिखकर भी वह क्या बनेगा.. मालिक तो बनने से तो रहा. रहेगा तो नौकर ही.आज उसका मन स्कूल जाने को नहीं था. फिर भी वह अनमने मन से वह स्कूल चला गया. उसके पड़ोस में बाँध का काम चल रहा था. झुग्गी के कुछ बच्चे बाँध में काम करते थे . उनके घरों में टी.वी. इत्यादि सभी थे. उसका मन भी काम करके पैसे कमाने को हो रहा था.आज उसने उसने स्कूल से लौटते वक्त यह निर्णय ले लिया था कि अब वह स्कूल नहीं पढ़ेगा. वह भी काम करके पैसे कमाएगा और अपनी माँ को आराम देगा.. उसके मन में लोगों कि बची जूठन घूम रही थी.‘ माँ आज से तुम काम नहीं करोगी और हम आज से किसी कि जूठन भी नहीं खायेंगे’ उसने अपनी माँ को अपना निर्णय सुनाया तो उसको माँ को आश्चार्य हुआ कि आज केशव को क्या हो गया.‘लेकिन बेटा तू करेगा क्या” माँ के इस जबाब से केशव बोला “ माँ आज से में भे बाँध में काम करूँगा और रात को पढाई करूँगा”अगली सुबह को केशव पुरे उत्साह के साथ बाँध पर काम के लिए चल पढ़ा.

कर्त्तव्य

दिल्ली कि बस अपनी रफ़्तार से चल रही थी. कन्डक्टर हर स्टॉप पर सवारियों को बताते जाता कि कौनसा स्टॉप आने वाला है और साथ ही सबको यह भी बताता कि बिना टिकट यात्रा करना कानूनन अपराध है. उसको काम में व्यस्त देखते हुए मैंने उत्सुकतावस् उससे पूछ ही लिया “ भाई साहब आप अपना काम बड़ी इमानदारी से करते हो .. दिल्ली कि और बसों में तो कन्डक्टर पूछने पर ही बताता है वह भी नखरे के साथ” वह मुस्कुराया और बोला “श्रीमान मुझे नहीं मालूम कि और क्या करते हैं लेकिन यह मेरा कर्त्तव्य है कि मुझे अपनी सवारियों का पूरा ध्यान रखना चाहिए उन्हें मेरी गाडी में किसी भी प्रकार कि तकलीफ नहीं होनी चाहिए क्योंकि सरकार मुझे इसी बात का वेतन देती है” उसका जबाब सुनकर मुझे बड़ी खुशी हुई. में सोचने लगा काश भारत का हर नागरिक उसकी तरह अपने कर्तव्यों का पालन करे तो कितना अच्छा हो.

कटु सत्य
मनुली मेरे घर पर झाड पोंछे का काम करती थी. वह अक्सर अपने ५ साल को लड़की को अपना काम बटाने के लिए लाया करती थी. मुझे उसकी लड़की पर बड़ा तरस आता थी कि इसकी तो स्कूल जाने कि उम्र ही और वह उससे अभी से काम कराने लगी .. एक दिन मैंने मनुली से कहा “मनुली तू इस बच्चे को स्कूल क्यों नहीं भर्ती करा देती पढ़ लिख जायेगी”“ अरे दीदी स्कूल पढके ये तो निकम्मी और नाकारा हो जायेगी. बड़ी बड़ी बातें करेगी जो हमारी समझ के बहार होगी “ मनुली ने मुह बिचकाकर कहा.श्याद मनुली को मेरी बात अच्छी नहीं लगी, मुझे गुस्सा भी बहुत आया को लोग अपने बच्चो को पढाने के लिए क्या क्या नहीं करते और ये है कि लगता कि पागल हो गयी हँ. खैर निर्णय तो उसी को लेना है.एक दिन मैंने उसको फिर समझाने कि कोशिश कि “देख ये पढेगी लिखेगी तो इसे अच्छी नौकरी मिल सकती है किसी बड़ी पोस्ट पर भी जा सकती है तुम्हारे कुल का नाम रोशन कर सकती है”उसने बात काटते हुए कहा “ रहने दो दीदी आपकी बड़ी लड़की ने भी तो एम्.ए. किया है उसे आज तक नौकरी नहीं मिली ऊपर से आप को उसकी शादी के लिए कोई पढ़ा लिखा लड़का भी तो नहीं मिल रहा है . आप तो बड़े लोग हैं दहेज दे कर शादी भी कर देंगे लेकिन हम लोग कहाँ से ये सब कर पायेंगे” उसने मन का सारा गुबार निकाल फेंका.मैं एकदम निरुत्तर हो गई थी क्योंकि मेरे पास इन सबका कोई जबाब नहीं था ....

तनख्वा
पत्नी ने बड़े प्यार से रसोईघर से आवाज लगाईं.“सुनो जी आज शाम डिन्नर में क्या खाना पसंद करेंगे” पति कि निगाह दिवार पर टके हुए कलेंडर पर गई. उसकी आँखों के आगे महीने का आखिरी अंक मुह चिढा रहा था. अरे तनख्वा मिलने में अभी एक दिन और बाकी है और जेब......पति ने मन मसोसते हुए कहा“प्रिये...सुनो बहुत दिन से खिचडी नहीं खाई है चलो आज खिचड़ी एन्जॉय करते हैं”

मजदूरी और टिप
शहर का मशहूर नेता के बेटे कि शादी थी. बेंड बाजे बज रहे थे.मैंने एक बेंड बजाने वाले से मजाक में पुछा “भाई क्या बात है नेता जी के बेटे कि शादी तो तुम जोर शोर से बेंड बजा रहा हो. और कहीं होते हो तो भागने कि लगी रहती है” वो बोला “शाब जोश तो आ जाएगा ना क्योंकि मजदूरी के साथ टिप, पीने को दारु और लजीज खाना जो खाने को मिलेगा.”

प्यार और पैसा
“अरे मेनका तुमने अपने प्रेमी राजेश को छोड़कर उस बुड्ढे से शादी कर ली जो तुम्हे फूटी आँख नहीं सुहाता था और उम्र में भी तुमसे दुगना है” मैंने आश्चर्यचकित होकर पुछा क्योंकि मुझे मालूम था कि राजेश और मेनका एक दूसरे को बहुत प्यार करते थे. .मेनका कुछ पल रुकी. लंबी सी सिगरेट से एक बड़ा सा कश लिया और लंबा सा धूंआ छोडती हुई मदहोशी कि हालत में बोली “रमेश जिंदगी कि गाडी पैसे से चलती है प्यार से नहीं .. समझे ”मुझे अब सब कुछ समझ में आ गया था कि पैसे बिना प्यार फिजूल है.

चेकिंग
मेरी गाडी खराब हो गई थी मैंने तुरंत टेक्सी ली.. आज ऑफिस जल्दी पहुंचना था.अचानक पुलिस वाले ने मेरी टेक्सी को हाथ देकर रोका “ए भाई गाडी साइड में करले और कागज़ निकाल” में बुदबुदाया “अरे यार फिर देर में देर”टेक्सी वाला बोला “साब फिकर नाट ये तो रोज ही मिलते हैं”टेक्सी वाले झट से १०० का नोट एक कागज़ के अंदर रखा और बोला “जनाब ये रहे गाडी के कागज़”पुलिस वाले ने १०० का नोट जेब में सरकाया और बोला “ तू बहुत समझदार है कागज़ पूरे रखता है... अरे भाई इसको जाने दो.. इसके कागज पूरे हैं”

कला
“अंधे को कुछ दे दो बाबा भगवान भली करेगा” एक अंधा भिकारी लाल बत्ती पर भीख मांग रहा था उस भिखारी को देखते ही मेरी चौकने कि बारी थी. अरे कल तो ये लंगड़ा होकर भीख मांग रहा था आज यह अंधा कैसे हो गया. मुझे रहा नहीं गया मैंने उससे पुछा “अरे कल तो तुम लंगड़े थे आज अंधा कैसे हो गए”“साहिब ये को हमारी भीख मांगने कि कला है भीक के लिए हमे नित नए भेष बदलने ही पड़ते हैं” यह कह कर वह तुरंत वहां से गायब हो गया...

दारु का जुगाड
एक मजदूर कि कार से टक्कर हो गई .. भीड़ इक्कठी हो गई . कर वाले को रोका गया. भीड़ में से किसी ने मजदूर से पुछा “भाई कहीं चोट तो नहीं लगी” “लगी तो बहुत है इलाज में भी खर्चा बहुत आएगा लेकिन आप चार लोग जो दिला दें मुझे वही मंजूर है” मजदूर ने भीड़ को देखते हुए अपना दाव् फेंका.भीड़ अब कारवाले के पीछे लग गई. कोई बोला १००० दिला दो कोई १५०० कि बोलने लगा . आखिर १२०० से मामला तय हो गया.कार वाले ने तुरंत पीछा छुड़ाने के लिए तुरंत १२०० निकले और सॉरी कहते हुए चला गया.मजदूरों ने सभी का धन्याद किया और थोड़ी दूर लंगडाने का नाटक करते हुए नुक्कड़ से तेज तेज क़दमों से दारु के ठेके कि ओर जाने लगा और बुदबुदाया “हे प्रभु तेरा बहुत बहुत धन्यवाद आज तो तूने अंग्रेजी का जुगाड कर दिया”

स्वर्ग कि देवी
बड़े दिनों के बाद गले मिलते हुए दोस्त ने अपने पुराने दोस्त से पुछा. “भैया भाभीजी कैसी हैं ?”दूसरे दोस्त ने झट से कहा “अरे यार तुम्हारी भाभी तो स्वर्ग कि देवी है अच्छा अब आप बताओ हमारी भाभी कैसी हैं”पहले वाला दोस्त गंभीर होकर बोला “यार अभी तक खून पीने के लिए जिन्दा है”

हाजमा
बड़े बड़े व्यापारियों को पार्टी चल रही थी. पत्रकार भी बुलाए गए थे. एक निर्भीक पत्रकार के एक व्यापारी से पुछा “श्रीमान आप मिलावट क्यों करते हैं” व्यापारी भी हाजिर जवाबी था उसने कहा “यदि हम मिलावट नहीं करेंगे तो नेताओं का हाजमा खराब नहीं हो जाएगा भैया मेरे जनता से तो हम निपट लेंगे”नेता एक बार फिर जनता और व्यापारी दोनों पर भारी पड़ गया.
Before you speak .... Listen
Before you write..... Think
Before you spend..... Earn
Before you criticise.... Wait
Before you pray.... Forgive
Before you quit..... Try

अखिलेश्वर दुबे

ye un dino ki baat hai jab mai gaon me gayaa tha